बाहरी दिल्ली में विरोधी तत्वों द्वारा बाधित करने के बावजूद तेज हुआ मांगपत्रक अभियान
दिल्ली, 31 जनवरी। उत्तर-पश्चिमी दिल्ली मज़दूर यूनियन और स्त्री मज़दूर संगठन द्वारा चलाए जा रहे मांगपत्रक अभियान से बौखलाए मज़दूर विरोधी तत्व लगातार इस आंदोलन को बाधित करने की मुहिम में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में, उन्होंने उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में मांगपत्रक अभियान के शाहाबाद डेयरी स्थित संपर्क केंद्र ‘शहीद भगतसिंह पुस्तकालय’ के दीवार पर लगे बोर्ड को ही गायब कर दिया, जबकि वह बोर्ड ना तो बेचा जा सकता है और ना ही किसी अन्य उपयोग में आ सकता है, और इसी के आधार पर अभियान के कार्यकर्ताओं का अंदेशा है कि वह बोर्ड विरोधी तत्वों ने गायब किया है। इस पुस्तकालय में मजदूर परिवारों के बच्चों और स्त्रियों को पढ़ाने और उन्हें जागरूक बनाने का काम किया जाता है और अपने हकों-अधिकारों के लिए सचेत किया जाता है। वहां पर दर्जनों बच्चे और महिलाएं पढ़ने आते हैं। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
ज्ञातव्य है कि मांगपत्रक अभियान के कार्यकर्ता जिस मज़दूर बस्ती में मज़दूरों की विभिन्न मांगों के समर्थन में पर्चा वितरण, जनसंपर्क और 6 फरवरी को दिल्ली सचिवालय चलो आंदोलन चला रहे हैं, उसी बस्ती में छोटे व्यापारी, लेबर कांट्रेक्टर, छोटे मालिक, आवारा-लंपट तत्व भी ठीक-ठाक संख्या में मौजूद हैं, जो आम आदमी पार्टी के लिए जनाधार का काम भी करते हैं। इसके साथ ही मज़दूर वर्ग के दलाल, गद्दार-संशोधनवादी ट्रेड-यूनियनें और मज़दूर हितों के नाम पर अपनी दुकानदारी चला रहे मज़दूर संगठन और भांति-भांति के घटिया बुर्जुआ राजनीति करने वाले और नकली वामपंथी तत्वों द्वारा भी इस घटना को अंजाम दिए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। बावजूद इसके, यूनियन और संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान को व्यापक मज़दूर आबादी और इंसाफ़पसंद नौजवानों द्वारा पुरजोर समर्थन प्राप्त है और आगामी 6 फरवरी को इस बस्ती से हजारों मज़दूर, स्त्रियां और नौजवान दिल्ली सचिवालय पर जोरदार दस्तक देने की तैयारियों में जुटे हुए हैं।