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ठेका मज़दूरी उन्मूलन की जाँच के लिए समिति गठन की नौटंकी

केजरीवाल की मज़दूरों से धोखाधड़ी

साथियो!
मुख्यमन्त्री केजरीवाल ने मज़दूरों से धोखाधड़ी अब खुलेआम शुरू कर दी है। केजरीवाल ने सत्ता में आने से पहले वायदा किया था कि दिल्ली से ठेका प्रथा ख़त्म कर दी जायेगी। लेकिन महीना बीत जाने के बाद भी ठेका मज़दूरी प्रथा के उन्मूलन के लिए कोई कानून नहीं पास किया गया है। जब ठेका मज़दूरों ने केजरीवाल को घेरना शुरू किया तो केजरीवाल ने ठेका मज़दूरी उन्मूलन की तकनीकी जाँच के लिए एक समिति बना दी थी! यह सिर्फ़ इसलिए किया गया है ताकि ठेका मज़दूरी उन्मूलन के काम को संसद चुनाव तक टाला जा सके। केजरीवाल को उम्मीद है कि चुनाव के बाद कांग्रेस उसकी सरकार को गिरा देगी! केजरीवाल संसद चुनावों के ‘मॉडल कोड’ लागू होने का इन्तज़ार कर रहे हैं और किसी तरह से समय काट रहे हैं। फरवरी मध्य तक ‘मॉडल कोड’ लागू हो जायेगा और फिर केजरीवाल सरकार ठेका प्रथा उन्मूलन का कोई भी कानून लाने से बच जायेगी। लेकिन उस समय तक ठेका मज़दूर केजरीवाल की जान बख़्श दें इसके लिए एक समिति गठित कर दी गयी है! पिछले 65 साल में कांग्रेस-भाजपा ने कमेटियाँ लोगों को उल्लू बनाने के लिए बनायी थीं। केजरीवाल भी अब यही कर रहा है।

क्या केजरीवाल सरकार को ठेका प्रथा उन्मूलन के लिए कोई समिति बनाने की ज़रूरत है?

नहीं! केजरीवाल सरकार को केवल एक विधेयक पास करने की ज़रूरत है जो यह कहता हो कि दिल्ली राज्य में कोई भी निजी या सरकारी नियोक्ता (एम्प्लायर) किसी भी नियमित प्रकृति के काम पर ठेका मज़दूर नहीं रख सकता है। यह काम केजरीवाल सरकार एक दिन में विधानसभा सत्र बुलाकर कर सकती है। लेकिन अभी तक केजरीवाल सरकार एक दिन का काम नहीं कर पायी! इसकी बजाय हम मज़दूरों को मूर्ख बनाने के लिए एक कमेटी गठन की नौटंकी शुरू कर दी!

केजरीवाल सरकार नियमित काम में ठेका प्रथा उन्मूलन कानून क्यों नहीं पास कर रही है?

इसका कारण हम सभी मज़दूर जानते हैं। दिल्ली के सभी औद्योगिक क्षेत्रें में मालिकों, ठेकेदारों और दलालों ने ‘आप’ की केजरीवाल सरकार को समर्थन क्यों दिया है? क्या ये मालिक बेवकूफ़ हैं, जो ठेका प्रथा खत्म करने वाले को समर्थन दे रहे हैं? नहीं! क्या मज़दूरों और ठेकेदारों-मालिकों के हित एक हो सकते हैं? नहीं! वास्तव में, केजरीवाल ने हमसे तो सिर्फ़ वोट लिया है! उसे सेवा तो इन्हीं दल्लालों, ठेकेदारों और खून चूसने वाले मालिकों की करनी है! यही कारण है कि सरकार बनने के एक माह बाद भी ठेका प्रथा उन्मूलन का विधेयक पास करने के बजाय केजरीवाल कमेटी बनाने की नौटंकी कर रहा है। इस नौटंकी का पर्दाफाश करना होगा।

6 फरवरी को सभी ठेका मज़दूर केजरीवाल को घेरो!

साथियो! दिल्ली के सभी ठेका मज़दूर ठेका प्रथा का उन्मूलन करवाने के लिए 6 फरवरी को सुबह 11 बजे दिल्ली सचिवालय का घेराव कर रहे हैं। आप इस बात को समझ लें कि केजरीवाल सरकार हमें धोखा देने की फ़ि‍राक में है। हमें किसी भी कीमत पर उसे वायदों से मुकरने नहीं देना है। ठेका प्रथा का उन्मूलन हो सकता है अगर हम लाखों की संख्या में 6 फरवरी को सचिवालय का घेराव करें और केजरीवाल से लिखित वायदा लें कि वह एक सप्ताह के भीतर ठेका मज़दूरी उन्मूलन विधेयक को पास करेगा। केजरीवाल सरकार भाग नहीं सकती और हम ‘कमेटी-कमेटी’ का खेल खेलकर भागने नहीं देंगे! इसलिए,
11 बजे सुबह 6 फरवरी को केजरीवाल सरकार को घेरने दिल्ली के सभी मज़दूर साथियो
सचिवालय चलो!
बिन हवा न पत्ता हिलता है! बिन लड़े न कुछ भी मिलता है!
दिल्ली मज़दूर यूनियन, करावलनगर मज़दूर यूनियन, वज़ीरपुर कारखाना मज़दूर यूनियन, उत्तर-पश्चिम दिल्ली मज़दूर यूनियन, मंगोलपुरी मज़दूर यूनियन, उद्योग नगर मज़दूर यूनियन, दिल्ली मेट्रो रेल ठेका मज़दूर यूनियन
सम्पर्कः 011-64623928, 9543406262, 9711736435, 8750045975, 9873358124, 9971158783